Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों एवं अमर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश के विकास, महिला सशक्तीकरण, किसानों, युवाओं, बस्तर, रोजगार, उद्योग, शिक्षा और तकनीक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता दिवस पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए नए शौचालय बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के तहत प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में माओवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हो रही है। बस्तर के सर्वांगीण विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद हुए स्कूलों को फिर से शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
किसानों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इंद्रावती नदी पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं। वहीं 73 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में ‘महतारी वंदन योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
युवाओं के लिए रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई फैसलों की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी। उन्होंने बताया कि पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक और सहायक शिक्षक के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
तकनीक के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने की योजना है। वहीं ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के तहत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।
उद्योग और निवेश को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई औद्योगिक नीति के जरिए नए और उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट के माध्यम से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे करीब 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। उन्होंने बताया कि एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ले रहे हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
मुख्यमंत्री ने सुशासन और डिजिटल सेवाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के जरिए 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है, जबकि ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के माध्यम से 700 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं और डायल-112 सेवा पूरे राज्य में लागू की गई है।
पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के तहत बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के साथ वहां टेंट सिटी बनाने की योजना है। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को विकास के साथ आगे बढ़ाने की बात कही। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण जरूरी है।
अपने संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर राज्य और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के मूल्यों और अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखते हुए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जाएगा।
