Raipur News: PRSU में 111 पदों पर प्रोफेसर भर्ती तीन साल बाद भी अधूरी, 52 नियुक्तियां हुईं और कई पद खाली

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) में प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया तीन वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। विश्वविद्यालय में कुल 111 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अब तक 52 पदों पर ही नियुक्ति हो पाई है। ऐसे में बड़ी संख्या में प्राध्यापक पद अब भी रिक्त हैं, जिसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शोध कार्यों पर पड़ने की बात कही जा रही है।

विश्वविद्यालय ने भर्ती प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा था। पहले चरण में 60 पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी, जिनमें से 40 पदों पर नियुक्ति हुई है। वहीं दूसरे चरण में 51 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन अब तक केवल 12 पदों पर नियुक्ति हो सकी है। इस तरह 111 पदों में से 52 पद ही भरे जा सके हैं।

प्राध्यापकों की कमी का असर विशेष रूप से पीएचडी कर रहे विद्यार्थियों पर पड़ने की बात सामने आ रही है। नियमित प्राध्यापक और गाइड उपलब्ध नहीं होने से शोधार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि जब भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था तो नियुक्तियां अलग-अलग चरणों में होने से चयनित अभ्यर्थियों के बीच वरिष्ठता को लेकर स्थिति बन सकती है। वहीं कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि चयन प्रक्रिया से पहले कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल के अवकाश पर जाने से भर्ती प्रक्रिया कई बार प्रभावित हुई है। हालांकि इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।

भर्ती के तहत विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। विभिन्न विषयों में समाजशास्त्र, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति एवं पुरातत्व, कंप्यूटर साइंस, साहित्य एवं भाषा, अर्थशास्त्र, फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स, फिलॉसफी एंड योगा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फोटोनिक्स, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स एंड लेजर टेक्नोलॉजी, बायो-साइंस, एमबीए, फार्मेसी, एंथ्रोपोलॉजी, लॉ, रीजनल स्टडीज, जियोलॉजी, सेंटर फॉर बेसिक साइंस, हिंदी, लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन, केमिस्ट्री, साइकोलॉजी और एनवायरमेंटल साइंस शामिल हैं।

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