बिजनेस डेस्क: ग्लोबल मार्केट से भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए एक बेहद राहत भरी खबर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर मांग में कमी आने के चलते क्रूड ऑयल का भाव 3.420 डॉलर टूटकर 84.290 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
चूंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए इस गिरावट का सीधा और बड़ा फायदा देश के आयात बिल (Import Bill) को घटने में मिलेगा। आइए जानते हैं कि इस गिरावट से किन सेक्टर्स और कंपनियों की लॉटरी लगने वाली है।
1. पेंट और टायर कंपनियों की घटेगी लागत
कच्चे तेल से कई तरह के केमिकल और कच्चे माल तैयार होते हैं, जिनका सीधा इस्तेमाल पेंट और टायर मैन्युफैक्चरिंग में होता है। तेल सस्ता होने से इन कंपनियों का प्रोडक्शन कॉस्ट काफी कम हो जाएगा, जिससे इनका मुनाफा बढ़ेगा।
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इन शेयर्स पर रहेगी नजर: एशियन पेंट्स (Asian Paints), बर्जर पेंट्स (Berger Paints), एमआरएफ (MRF) और अपोलो टायर्स (Apollo Tyres)।
2. एविएशन सेक्टर: उड़ान भरेगी इंडिगो!
हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) भी कच्चे तेल से ही बनता है। क्रूड सस्ता होने से एटीएफ के दाम घटेंगे, जिससे एयरलाइन कंपनियों के सबसे बड़े खर्च में कटौती होगी।
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इन शेयर्स पर रहेगी नजर: इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों की कमाई में सुधार की उम्मीद है।
3. सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) का बढ़ेगा मुनाफा
देश की प्रमुख ऑयल मार्केटिंग कंपनियां बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय बाजार से क्रूड खरीदती हैं। दाम घटने से इनकी रिफाइनिंग और इनपुट कॉस्ट कम होगी।
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इन शेयर्स पर रहेगी नजर: HPCL, BPCL और IOCL जैसी दिग्गज सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों पर आज निवेशक खास नजर रख सकते हैं।
4. आम जनता: क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर आने वाले समय में देश में पेट्रोल और डीजल के दामों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, घरेलू ईंधन की कीमतें टैक्स और सरकारी नीतियों पर भी निर्भर करती हैं, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह गिरावट लंबे समय तक टिकी रही, तो आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत मिलना तय है।
