Dewas News: महिला-पुरुषों ने किया हमला, मौके पर मची अफरा-तफरी

Dewas News: देवास (बागली)। मध्य प्रदेश के देवास जिले के बागली क्षेत्र अंतर्गत जिनवानी वन परिक्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान हुए पथराव में 7 वनकर्मी घायल हो गए, जबकि सरकारी वाहनों और जेसीबी मशीन को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार 13 जून को वन विभाग द्वारा जिनवानी वन परिक्षेत्र के कमलापुर बीट स्थित कक्ष क्रमांक 94 में वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इस कार्रवाई में वन विभाग के पांच परिक्षेत्रों का अमला तथा कमलापुर पुलिस की टीम शामिल थी। संयुक्त दल वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए मौके पर पहुंचा था।

कार्रवाई के दौरान हुआ विरोध

बताया जा रहा है कि जैसे ही वन विभाग की टीम ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, भीलआमला गांव के कुछ महिला और पुरुषों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध उग्र हो गया और ग्रामीणों ने टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।

पथराव में वाहन और मशीन क्षतिग्रस्त

ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में मौके पर मौजूद शासकीय वाहनों और जेसीबी मशीन के कांच टूट गए। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है। घटना के कारण कुछ समय के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी प्रभावित हुई।

7 वनकर्मी हुए घायल

हमले में वन विभाग के कई कर्मचारी घायल हो गए। घायलों में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज धांधे सहित वनपाल एवं परिक्षेत्र सहायक के.के. परमार शामिल हैं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए कमलापुर स्वास्थ्य केंद्र और आरआर अस्पताल चापड़ा भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

प्रशासन और पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन सख्त

वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना उनकी जिम्मेदारी है और कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

इस घटना ने एक बार फिर वन भूमि पर अतिक्रमण और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उत्पन्न होने वाले विवादों को उजागर कर दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है।

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