NEET UG 2026: लीक रोकने के लिए NTA का चक्रव्यूह; एयरफोर्स संभालेगी कमान, पेपर सेटर्स ‘लॉकडाउन’ में

NEET UG 2026:

नई दिल्ली: 12 मई को देशव्यापी आक्रोश के बाद रद्द हुई NEET UG 2026 की परीक्षा को दोबारा पूरी तरह पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक अभेद्य सुरक्षा प्लान तैयार किया है। 21 जून को होने जा रही इस पुनः परीक्षा (Re-Exam) के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था जमीन से लेकर आसमान तक सख्त कर दी गई है।

 वायुसेना के जिम्मे होगी पेपर की सुरक्षा

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार प्रश्नपत्रों (Question Papers) से संबंधित सभी संवेदनशील सामग्रियों को ले जाने, सुरक्षित रखने और देश भर में बांटने के लिए इंडियन एयरफोर्स (IAF) के एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रश्नों की सेटिंग, अनुवाद, प्रिंटिंग, पैकेजिंग और स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन की हर एक कड़ी पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

 इतिहास में पहली बार: पेपर सेटर्स अज्ञात जगह पर ‘लॉकडाउन’

नीट के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब पेपर लीक की आशंका को जड़ से खत्म करने के लिए पेपर सेटर्स को एक अज्ञात और बेहद गुप्त स्थान पर ‘लॉकडाउन’ में रखा गया है। परीक्षा संपन्न होने तक ये एक्सपर्ट्स कड़े प्रतिबंधों के बीच बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे रहेंगे।

 10 हजार प्रश्नों का सीक्रेट ‘डिजिटल बैंक’

NTA एक ऐसे नए और आधुनिक सिस्टम पर काम कर रही है, जिसमें सवाल तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स को भी यह नहीं पता होगा कि वे किस परीक्षा के लिए प्रश्न बना रहे हैं।

  • अलग-अलग विषयों के एक्सपर्ट्स सिर्फ अपने प्रश्न तैयार करेंगे।

  • इन सभी प्रश्नों को एक विशाल डिजिटल बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा, जिसमें करीब 10,000 प्रश्न होंगे।

  • फाइनल एग्जाम पेपर किस रूप में सामने आएगा, यह परीक्षा से ठीक पहले आधुनिक तकनीक (Technology) की मदद से रैंडमली तय किया जाएगा।

 परीक्षा केंद्रों पर लाइव सर्विलांस और हाई-टेक जांच

21 जून को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होने वाली इस पेन-एंड-पेपर परीक्षा के दौरान धांधली रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं:

  • हाई-टेक सिक्योरिटी: एग्जाम सेंटर्स पर परीक्षार्थियों की फेशियल रिकग्निशन (Facial Recognition) और बायोमेट्रिक जांच अनिवार्य होगी।

  • CCTV लाइव मॉनिटरिंग: हर केंद्र की सीधे कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के जरिए लाइव निगरानी की जाएगी।

  • डिजिटल पहरा: सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर अधिकारियों की स्पेशल टीमें 24 घंटे नजर रख रही हैं ताकि फर्जी क्वेश्चन पेपर या किसी भी तरह की भ्रामक अफवाह को तुरंत रोका जा सके।

बता दें कि नीट यूजी 2026 परीक्षा में देशभर के 22 लाख छात्र शामिल हुए थे, जिसे धांधली की सूचना के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। अब 21 जून को होने जा रही इस परीक्षा पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

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