Telegram BAN परीक्षा से ठीक पहले Telegram पर लगा बैन: कोर्ट पहुंचा टेलीग्राम, CEO बोले- ‘यह सरकार की बड़ी गलती’

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नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के दोबारा होने से ठीक पहले भारत सरकार और मैसेजिंग ऐप ‘टेलीग्राम’ के बीच कानूनी जंग छिड़ गई है। पेपर लीक के आरोपों के बाद सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थाई बैन को कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। अदालत इस मामले पर आज ही सुनवाई करने के लिए तैयार हो गई है।

 सरकार का तर्क: परीक्षा की शुचिता बचाना जरूरी

केंद्र सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने इस कड़े कदम का बचाव किया है। अधिकारियों का कहना है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल संगठित रूप से पेपर लीक करने और छात्रों को ठगने के लिए किया जा रहा था। आगामी रविवार को होने वाली NEET री-एग्जाम की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह बैन जरूरी था, हालांकि सरकार ने यह माना है कि इससे आम यूजर्स को परेशानी होगी।

 पावेल डुरोव (CEO, Telegram) का पलटवार: ‘यह फैसला बेअसर और गलत’

टेलीग्राम के मालिक पावेल डुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे एक “बड़ी भूल” बताते हुए कई अहम बातें कहीं:

  • अपराधी दूसरी जगह चले गए: डुरोव का कहना है कि बैन से कुछ नहीं रुकेगा, क्योंकि लीक करने वाले पहले ही दूसरे ऐप्स पर शिफ्ट हो चुके हैं।

  • टेलीग्राम ने की कार्रवाई: उन्होंने दावा किया कि टेलीग्राम ने भारत में पेपर लीक और स्कैम से जुड़े सैकड़ों चैनल्स को खुद डिलीट किया है।

  • लाखों यूजर्स को सजा: भारत में टेलीग्राम के 15 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं, जो पढ़ाई और जरूरी काम के लिए इस पर निर्भर हैं। इस बैन से अपराधियों से ज्यादा आम छात्रों को नुकसान होगा।

नया अपडेट: टेलीग्राम अब अपने प्लेटफॉर्म पर ‘Edited’ (संशोधित) लेबल को और ज्यादा हाइलाइट कर रहा है, ताकि लोग पुरानी तारीख दिखाकर छात्रों को झांसा न दे सकें।

 हाई-अलर्ट पर रविवार का री-एग्जाम

पिछले महीने हुए NEET एग्जाम में धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद मचे देशव्यापी बवाल और CBI जांच के बीच, इस रविवार को दोबारा परीक्षा होने जा रही है। सरकार इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सुरक्षा का आलम यह है कि इस बार प्रश्नपत्रों (Question Papers) को परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।

अब देखना यह होगा कि दिल्ली हाई कोर्ट से टेलीग्राम को राहत मिलती है या परीक्षा खत्म होने तक यह पाबंदी जारी रहेगी।

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