नई दिल्ली: देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सामाजिक सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आज, 1 जुलाई से एक नया और ऐतिहासिक ढांचा प्रभावी हो गया है। केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत- रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ यानी ‘VB-G RAM G’ (जी राम जी) एक्ट को पूरे देश में लागू कर दिया है।ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, इस नए कानून के सफल क्रियान्वयन को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) ने अपनी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मनरेगा (MGNREGA) व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब मिलेंगे 125 दिन के वेतन-रोजगार
इस नए कानून के तहत सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण श्रमिकों को मिलने जा रहा है। अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष के भीतर पूरे 125 दिनों के वेतन-रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। इससे पहले तक देश में लागू पुरानी मनरेगा (MGNREGA) व्यवस्था के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को साल में अधिकतम 100 दिनों का ही रोजगार मिलता था। नए ‘जी राम जी’ एक्ट ने इस सीमा को 25 दिन और बढ़ा दिया है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
₹95 हजार करोड़ से अधिक का बजटीय आवंटन, 24 राज्यों ने जारी की अधिसूचना
इस नए कानून को सुचारू रूप से चलाने और मजदूरों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कमर कस ली है। सरकार द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम अलॉटमेंट (Budgetary Allocation) जारी किया जा चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस कानून के लिए अपने बजटीय प्रावधान तय कर लिए हैं, जिनमें से 24 राज्यों ने अपने यहाँ इस कानून को धरातल पर उतारने के लिए आधिकारिक अधिसूचना (Notification) भी जारी कर दी है।
‘एक दिन भी बिना काम के न रहे मजदूर’ – केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
योजना के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और वित्तीय तैयारियां पूरी हैं, इसलिए प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि कोई भी पात्र ग्रामीण कामगार एक दिन भी बिना काम के न रहे।
कल आंध्र प्रदेश से होगा राष्ट्रीय शुभारंभ
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इस दूरगामी योजना का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ कल, 2 जुलाई को किया जाएगा। इसका उद्घाटन आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के ओबुलावारिपल्ले मंडल के मुक्कावारिपल्ली गांव से होगा, जहाँ पात्र लाभार्थियों को नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ वितरित किए जाएंगे।
जब तक नहीं बनते नए कार्ड, तब तक मान्य रहेंगे पुराने e-KYC जॉब कार्ड
मंत्रालय ने तकनीकी अड़चनों और मजदूरों की परेशानी से बचने के लिए साफ किया है कि:
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जब तक सभी पात्र श्रमिकों को नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी नहीं हो जाते, तब तक वर्तमान में चल रहे सभी वैध और ई-केवाईसी (e-KYC) वेरीफाइड पुराने जॉब कार्ड पूरी तरह से मान्य रहेंगे।
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इससे किसी भी मजदूर का काम नहीं रुकेगा।
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इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर लागू करने की मुख्य जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है।
इन सेक्टर्स पर रहेगा मुख्य फोकस
यह पूरा कानून ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण और कृषि सुधार पर केंद्रित रहेगा। इसके तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
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प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और जल संरक्षण।
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जल संचयन ढांचा निर्माण (Water Harvesting)।
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उन्नत खेती (Advanced Farming) को बढ़ावा देना।
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महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के जरिए ग्रामीण आजीविका को सशक्त करना।
