CG News: कोरिया। छत्तीसगढ़ के चर्चित कटगोड़ी हत्याकांड में अब करणी सेना और शिवसेना की भी एंट्री हो गई है। रायपुर से पहुंचे दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की सीबीआई जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई करने और दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर की कड़ी कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद करणी सेना और शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने कहा कि यह केवल हत्या का मामला नहीं बल्कि सुनियोजित और जघन्य अपराध है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मामले में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की।
तीन लोगों की जा चुकी है जान
कटगोड़ी हत्याकांड में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगाकर हत्या कर दी गई थी। वहीं गंभीर रूप से घायल दो अन्य लोगों की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। दो घायलों का इलाज अभी भी बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में जारी है।
चार आरोपी गिरफ्तार, कई अभी भी फरार
पुलिस अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मनोज त्रिपाठी शामिल हैं। जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रेत घाट विवाद बना खूनी संघर्ष की वजह
जानकारी के अनुसार सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में रेत घाट के संचालन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतक भरत सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने रेत घाट का ठेका लिया था, जिसका विरोध भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से जुड़े लोग कर रहे थे। इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया।
फॉर्च्यूनर को घेरकर लगाई आग
घटना वाली रात भरत सिंह अपने साथियों के साथ कटगोड़ी पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर को हाईवा वाहनों से घेर लिया। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। आग की चपेट में आने से भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग किसी तरह बाहर निकले लेकिन उनके साथ भी मारपीट की गई।
न्याय की मांग तेज, क्षेत्र में बना तनाव का माहौल
हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं पीड़ित परिवार और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग लगातार की जा रही है। अब करणी सेना और शिवसेना के मैदान में उतरने के बाद इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से और अधिक तूल पकड़ लिया है।
