अंबिकापुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने सहकारिता क्षेत्र में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के अंतर्गत आने वाली विभिन्न समितियों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम के कड़े रुख के बाद प्रभावित क्षेत्रों के सैकड़ों पीड़ित किसानों के लिए खाद और बीज का वितरण दोबारा शुरू करा दिया गया है।
सरकार के इस कदम से आगामी खरीफ सीजन से ठीक पहले सरगुजा संभाग के अन्नदाताओं को बहुत बड़ी राहत मिली है।
तरस रहे थे किसान: जानिए क्या था मामला?
यह खबर छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बेहद संवेदनशील है। दरअसल, शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और रामचंद्रपुर क्षेत्र के सैकड़ों किसान पिछले कई सीजन से सहकारी बैंक की वित्तीय अनियमितताओं (अनकंट्रोल्ड गबन) के कारण नकद ऋण (केसीसी), खाद और बीज के लिए तरस रहे थे। समितियों में हुए फर्जीवाड़े के कारण पात्र किसानों का लोन ब्लॉक हो गया था, जिससे उन पर खेती न कर पाने का संकट मंडरा रहा था।
घोटाले का पूरा ‘एक्स-रे’ (2020 से 2024 तक की कहानी)
प्राथमिक जांच और सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल घोटाले के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं:
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घोटाले की अवधि: यह पूरा खेल वर्ष 2020-21 से लेकर 2023-24 के बीच (पिछली सरकार के कार्यकाल में) खेला गया, जब अंबिकापुर जिला सहकारी बैंक की शाखाओं और समितियों में बड़े पैमाने पर गबन को अंजाम दिया गया।
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घोटाले की राशि: शुरुआती जांच में ही 30 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक का वित्तीय फर्जीवाड़ा उजागर हो चुका है।
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प्रभावित किसान: लगभग 497 किसानों की लिखित शिकायतों और आंसुओं के बाद प्रशासन ने इस पर तगड़ा एक्शन लिया।
ED की एंट्री और दोषियों पर FIR की गाज
कृषि मंत्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों और जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते इस मामले में अब अपराधियों की खैर नहीं है:
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FIR और निलंबन: दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करा दी गई है। कई दागी कर्मचारी तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जा चुके हैं और विभागीय जांच जारी है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच: इस पूरे घोटाले की मनी ट्रेल और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच अब ED (Enforcement Directorate) कर रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस जांच का स्वागत करते हुए साफ कहा है कि— “किसानों के हक का पैसा मारने वाले किसी भी रसूखदार या दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
युद्ध स्तर पर काम शुरू: अब सोसायटियों में पहुंचने लगा स्टॉक
शासन ने प्रभावित शाखाओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत पात्र किसानों की नई सूची तैयार कर मुख्यालय भेजें, ताकि उनकी ऋण (Loan) स्वीकृति और खाद-बीज वितरण की प्रक्रिया में कोई देरी न हो। आदेश के बाद समितियों में खाद-बीज का स्टॉक पहुंचना शुरू हो गया है।
आने वाले दिनों में क्या होगा? सूत्रों के मुताबिक, ईडी (ED) की समानांतर जांच के चलते आने वाले दिनों में सहकारिता विभाग के कुछ सफेदपोशों, बड़े अधिकारियों और पूर्व पदाधिकारियों की गिरफ्तारियां तय मानी जा रही हैं। वहीं, साय सरकार इस पूरी सहकारी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने जा रही है।
