अहमदाबाद। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। एटीएस की टीम ने शुक्रवार को एक बड़े और खुफिया ऑपरेशन के तहत गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से जुड़े 8 खतरनाक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस त्वरित कार्रवाई से सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते देश के भीतर एक बड़ी और खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया है।
गुजरात और एमपी में तैयार कर रहे थे स्लीपर सेल शुरुआती जांच और खुफिया इनपुट के अनुसार, पकड़े गए यह सभी आरोपी देश के भीतर और खासकर गुजरात राज्य में अपनी खतरनाक आतंकी गतिविधियों को फैलाने के लिए एक बड़ा और सक्रिय नेटवर्क तैयार करने में जुटे हुए थे। इस गिरोह के तार गुजरात के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी गहराई से फैले हुए थे। ये आरोपी स्थानीय युवाओं को बरगलाने और उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए गुपचुप तरीके से बैठकें कर रहे थे।
लगा कड़ा कानून UAPA, नहीं मिलेगी आसानी से जमानत गुजरात एटीएस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पकड़े गए इन सभी 8 आरोपियों के खिलाफ देश की सुरक्षा से जुड़े बेहद कड़े गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) की धारा 13, 17, 18, 38, 39 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148, 61 के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया है। यूएपीए के तहत मामला दर्ज होने के बाद अब आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी और पुलिस को इस इंटरनेशनल नेटवर्क की गहराई से जांच करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों के नाम: पुलिस की गिरफ्त में आए इन सभी संदिग्धों की पहचान कर ली गई है, जो पिछले काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर चल रहे थे:
-
अहमद (पिता: अब्दुल्ला गागीवाला)
-
इब्राहिम (पिता: मोहम्मद हुसैन घाघा)
-
मुदस्सिर (पिता: अब्दुल्ला गागीवाला)
-
ज़कारिया दुर्रानी (पिता: मोहम्मद अम्मार घाघा)
-
मुफ़्ती फौजान (पिता: इस्माइल दौवा)
-
मोहम्मद अमीन शेरा
-
मोहम्मद अब्दुल (पिता: रहमान सावदी)
-
बिलाल मोहम्मद (पिता: अम्मार घाघा)
विदेशी आकाओं और हथियारों की सप्लाई पर पूछताछ शुरू एटीएस की टीमें अब इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करके उनकी पुलिस रिमांड की मांग करेंगी। रिमांड के दौरान पुलिस इन सभी से उनके असली इरादों, फंडिंग के स्रोतों (Money Trail), हथियारों की सप्लाई और सीमा पार बैठे उनके विदेशी आकाओं के बारे में कड़ाई से पूछताछ करेगी। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस जांच के जरिए कई और चौंकाने वाले बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं और कुछ अन्य गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
