नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ की साय सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खुद को अपडेट करने और राज्य के विकास का एक मजबूत रोडमैप तैयार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) परिसर में आज से दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का आगाज हो रहा है, जो कल यानी 5 जुलाई तक चलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का साफ मानना है कि बदलते समय के साथ सरकार और प्रशासन को भी अपनी सोच बदलनी होगी। मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए इस बार राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।
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आध्यात्मिक गुरु गौर गोपाल दास का व्याख्यान: शिविर की शुरुआत देश के जाने-माने मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास के सत्र से होगी, जो मंत्रियों को लीडरशिप और जीवन मूल्यों का पाठ पढ़ाएंगे।
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शासन व्यवस्था में AI का इस्तेमाल: देश के बड़े नीति निर्धारक अभय करंदीकर मंत्रियों को बताएंगे कि कैसे भविष्य की गवर्नेंस में नई टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सही इस्तेमाल किया जा सकता है।
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खेती-किसानी और ग्रामीण विकास पर फोकस: कृषि अर्थव्यवस्था के दिग्गज विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद एक विशेष सत्र लेंगे, जिसमें छत्तीसगढ़ के गांवों और किसानों की तकदीर बदलने वाली रणनीतियों पर चर्चा होगी।
इन अहम मुद्दों पर भी होगा महामंथन
दो दिनों तक चलने वाले इस हाई-प्रोफाइल शिविर में केवल तकनीक और खेती ही नहीं, बल्कि राज्य के चौमुखी विकास पर बात होगी। अलग-अलग सत्रों में निम्नलिखित विषयों पर गहराई से मंथन किया जाएगा:
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उद्योग और निवेश को बढ़ावा देना
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पर्यटन और खेल विकास
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सुशासन (Good Governance)
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प्रशासनिक सुधार
पहले भी हो चुके हैं दो सफल शिविर बता दें कि साय सरकार का यह तीसरा चिंतन शिविर है। इससे पहले मई 2024 में पहला और जून 2025 में ‘चिंतन शिविर 2.0’ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। यह ‘चिंतन शिविर 3.0’ राज्य के विकास को एक नई रफ्तार देने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
