रायपुर। छत्तीसगढ़ पर मानसून की मेहरबानी अब आफत में बदलती नजर आ रही है। बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत सिस्टम के कारण पिछले 2-3 दिनों से पूरे प्रदेश में झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई बड़े शहरों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है और बिना छाते या रेनकोट के घर से निकलना भी मुहाल हो चुका है।
इन इलाकों में दर्ज की गई रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है:
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राजिम: 19 सेंटीमीटर
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दुर्ग: 18 सेंटीमीटर
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रायपुर, राजनांदगांव और पाटन: 15-15 सेंटीमीटर
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गोबरा नवापारा और माना: 14-14 सेंटीमीटर
लगातार हो रही इस भारी बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं और प्रदेश के प्रमुख बांधों व जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।
जिलों में ‘रेड, ऑरेंज और यलो’ अलर्ट जारी
मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में अलग-अलग अलर्ट जारी किया है:
| अलर्ट का प्रकार | प्रभावित जिले/क्षेत्र | संभावित खतरा |
| रेड अलर्ट (Red Alert) | रायपुर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बिलासपुर और कोरबा | तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और भारी से बहुत भारी बारिश |
| ऑरेंज व यलो अलर्ट | बीजापुर, बस्तर और सरगुजा संभाग के जिले | मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक |
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें।
8 जुलाई से मिल सकती है थोड़ी राहत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 घंटों तक यानी खासकर मध्य छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी (Heavy Rainfall Warning) दी गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 8 जुलाई से बारिश की रफ्तार और तीव्रता में थोड़ी कमी आने की संभावना है। रायपुर में अगले कुछ दिनों तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी।
