अयोध्या/रायपुर। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में सामने आए चंदा चोरी मामले (Ram Mandir Chanda Chori Case) ने अब एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक रूप ले लिया है। इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के 8 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों से करोड़ों रुपये की बेहिसाब संपत्ति बरामद हुई है, जिसने इस पूरे मामले में सनसनी मचा दी है।
इसी बीच, इस महाघोटाले को लेकर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का एक बेहद तीखा और बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर सीधे तौर पर निशाना साधा है।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस चोरी के जिम्मेदार”
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा:
“आप लोगों ने धर्मस्थान का प्रयोग केवल अपने स्वार्थ के लिए किया। राम मंदिर ट्रस्ट में जिन साधु-संतों को डाला गया था, वे केवल दिखावा मात्र थे। वास्तव में उन्हें कोई अधिकार ही नहीं दिया गया था। सारे अधिकार अपने चहेते विश्वस्तों को सौंपे गए थे। इसलिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ इस चोरी के सीधे जिम्मेदार हैं।”
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के हवाले से किया बड़ा दावा
शंकराचार्य ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि के बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि ट्रस्ट के भीतर आंतरिक व्यवस्था पूरी तरह से तानाशाही ढंग से चलाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि:
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हस्ताक्षर का अधिकार नहीं: ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष होने के बावजूद स्वामी गोविंददेव गिरि के पास बैंक खातों में हस्ताक्षर करने का अधिकार तक नहीं था।
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चेक बुक से दूर रखा: उन्हें चेक बुक पर हस्ताक्षर के लिए अधिकृत ही नहीं किया गया था।
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अंधेरे में रखा गया: उन्हें पिछले महीने ही ट्रस्ट के मुख्य अकाउंट्स की सही जानकारी मिल पाई।
शंकराचार्य ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रभु श्री राम के मंदिर के नाम पर आया चंदा चोरी करना एक ‘महापाप’ है और इस कृत्य में शामिल सभी आरोपियों को कानूनन कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
