Deputy CM Vijay Sharma : छत्तीसगढ़ में सड़कों की ‘थर्ड आई’ बनेगा AI: गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला

Deputy CM Vijay Sharma

रायपुर | छत्तीसगढ़ में अब सड़कों के निर्माण और उनकी गुणवत्ता (Quality) की जांच इंसानी नजरों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से की जाएगी। राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और ‘जनमन योजना’ के तहत बनने वाली ग्रामीण सड़कों की मॉनिटरिंग के लिए हाई-टेक AI तकनीक का सहारा लेने का एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला किया है।

उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने इस नई व्यवस्था को लेकर सरकार का पूरा प्लान सामने रखा है।

AI से कैसे होगी सड़कों की जांच?

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि इस आधुनिक निगरानी प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

  • डिजिटल डेटा और वीडियोग्राफी: सबसे पहले संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा बनाई गई सभी सड़कों की हाई-क्वालिटी वीडियोग्राफी की जाएगी और उनका एक डिजिटल डेटा तैयार किया जाएगा।

  • AI तकनीक से विश्लेषण: इस डिजिटल डेटा और वीडियो को AI सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्कैन और विश्लेषित (Analyze) किया जाएगा।

  • खामियों की तुरंत पहचान: AI तकनीक इंसानी चूक से परे जाकर सड़क की मोटाई, मटेरियल की क्वालिटी, डैमेज और तय मानकों (Standards) के उल्लंघन को तुरंत पकड़ लेगी।

  • जिम्मेदारों पर एक्शन: जांच रिपोर्ट में जहाँ भी गड़बड़ी या घटिया निर्माण पाया जाएगा, वहाँ सीधे ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का मकसद: नो कॉम्प्रोमाइज, फुल ट्रांसपेरेंसी

सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार और खराब गुणवत्ता की लगातार मिल रही शिकायतों को खत्म करने के लिए सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है।

“सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। बेहतर और ईमानदारी से काम करने वाली एजेंसियों व अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” — विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

इस फैसले के बड़े फायदे:

  1. निष्पक्ष मूल्यांकन: AI आधारित निगरानी से किसी भी तरह का पक्षपात नहीं होगा और निष्पक्ष मूल्यांकन संभव हो सकेगा।

  2. पारदर्शिता (Transparency): सड़क निर्माण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, जिससे जनता के पैसे का सही इस्तेमाल होगा।

  3. भ्रष्टाचार पर लगाम: गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों और अफसरों की पहचान चुटकियों में आसान हो जाएगी, जिससे ग्रामीण अंचलों में मजबूत और टिकाऊ सड़कें बनेंगी।

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