Chhattisgarh News: अगरबत्ती मशीन के नाम पर करोड़ों की कथित ठगी! भारत ग्रुप के खिलाफ रायपुर में FIR की मांग

Chhattisgarh News: रायपुर। राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित वॉलफोर्ट ओजोन परिसर में संचालित भारत ग्रुप पर अगरबत्ती निर्माण मशीन के नाम पर कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में पीड़ितों ने रायपुर कमिश्नरेट और जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों ने कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, वित्तीय लेन-देन की जांच कराने और उनकी जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है।

पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से घर बैठे हर महीने 18 हजार से 60 हजार रुपए तक की कमाई का सपना दिखाया। कंपनी ने दावा किया था कि उसकी अगरबत्ती बनाने वाली मशीन प्रतिदिन 80 से 100 किलो उत्पादन करेगी और तैयार माल को तय कीमत पर स्वयं खरीद लेगी। मशीन की सर्विस और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी लेने का भरोसा भी दिया गया था।

लाखों खर्च, लेकिन नहीं चली मशीनें

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपए तक की मशीनें खरीदीं, लेकिन मशीनों का सही ढंग से इंस्टॉलेशन नहीं किया गया। कई मशीनें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जबकि जो चल रही हैं वे प्रतिदिन 15 से 20 किलो उत्पादन भी नहीं कर पा रही हैं। इससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

GST बिल नहीं देने और टैक्स चोरी का आरोप

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि मशीन बेचते समय कंपनी ने वैध GST बिल जारी नहीं किया और केवल कच्चा चालान देकर लेन-देन किया। शिकायत में इसे टैक्स चोरी का मामला बताते हुए जांच की मांग की गई है। साथ ही आरोप लगाया गया कि कंपनी ने कागजों में जितना कच्चा माल दर्शाया, वास्तविक रूप से उससे कम सामग्री भेजी गई। कई बोरियों में 2 से 3 किलो तक वजन कम पाया गया, जिसके डिजिटल कांटे से किए गए वजन के फोटो भी सबूत के रूप में होने का दावा किया गया है।

तैयार माल खरीदने से किया इनकार

पीड़ितों का कहना है कि कंपनी ने तैयार अगरबत्ती खरीदने का वादा भी पूरा नहीं किया। अलग-अलग बहाने बनाकर माल लेने से इनकार कर दिया गया, जिससे बड़ी मात्रा में तैयार माल खराब हो गया। इसके अलावा रिजेक्शन के नाम पर मनमानी कटौती कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।

विरोध करने पर धमकाने का आरोप

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि जब ग्राहकों ने मशीन की खराबी, कम वजन वाले कच्चे माल और भुगतान में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए तो कंपनी के संचालकों और कर्मचारियों ने अनुबंध समाप्त करने और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। कुछ लोगों पर माफीनामा लिखने का दबाव भी बनाने का आरोप लगाया गया है।

पीड़ितों ने प्रशासन से पूरे मामले की विशेष जांच, कंपनी के वित्तीय लेन-देन और नापतौल की जांच, दोषपूर्ण मशीनों की वापसी, जमा राशि ब्याज और मुआवजे सहित लौटाने तथा कंपनी के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज करने की मांग की है।

 

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