CG Mungeli News: मुंगेली। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के प्रस्तावित हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र के लिए मुंगेली जिले के ग्राम चंद्रगढ़ी (तहसील पथरिया) में 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के साथ जिले में बड़े औद्योगिक निवेश और आधुनिक विनिर्माण गतिविधियों का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
यह संयंत्र छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला भारी मशीन निर्माण उद्योग होगा। इसके स्थापित होने से राज्य को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और स्थानीय स्तर पर आधुनिक विनिर्माण उद्योग का विकास होगा। परियोजना से रोजगार, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता और सहायक उद्योगों के क्षेत्र में व्यापक अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
कलेक्टर ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
कलेक्टर कुंदन कुमार ने इस निर्णय पर जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि बीईएमएल संयंत्र मुंगेली के औद्योगिक विकास की मजबूत नींव बनेगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की मंजूरी जिले को आधुनिक विनिर्माण और इंजीनियरिंग गतिविधियों का नया केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों और व्यवसायियों के लिए विकास के नए अवसर खुलेंगे।
विशेष प्रयासों से मुंगेली को मिली परियोजना
पथरिया एसडीएम रेखा चंद्रा ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर बीईएमएल परियोजना के लिए रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही थी। बाद में कंपनी ने मुंगेली में भी उपयुक्त भूमि की उपलब्धता में रुचि दिखाई। कलेक्टर के निर्देश पर जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र और राजस्व विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 79.70 एकड़ उपयुक्त शासकीय भूमि का चयन किया और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
रणनीतिक स्थान पर बनेगा संयंत्र
महाप्रबंधक उद्योग विभाग किशोर राजपूत ने बताया कि चयनित भूमि बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और मुख्य सड़क से अच्छी तरह जुड़ी हुई है। परियोजना के लिए सभी आवश्यक विभागीय अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
रोजगार और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
बीईएमएल संयंत्र की स्थापना से जिले में प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME), इंजीनियरिंग, मशीन पार्ट्स निर्माण, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सर्विसिंग और अन्य सहायक उद्योगों के विकास को भी नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना मुंगेली को छत्तीसगढ़ के उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
