बलरामपुर: भंवरमाल पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला, जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर। ग्राम पंचायत भंवरमाल में पूर्व सरपंच श्रीमती रेवती देवी पति नेपाल सिंह और उनके पुत्र नरेन्द्र सिंह पर विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता एवं शासकीय राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्राम पंचायत के वार्डवासियों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत शिकायत में पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत कई निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता का आरोप लगाया गया है। इनमें हनुमान मंदिर चबूतरा निर्माण, पंचायत भवन के पास आहता निर्माण, हाई स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और सामुदायिक शौचालय निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि हनुमान मंदिर के समीप चबूतरा निर्माण के लिए राशि स्वीकृत होने के बावजूद मौके पर अपेक्षित निर्माण नहीं कराया गया। आरोप है कि केवल कुछ ईंटें रखकर काम पूरा होने का दिखावा किया गया। इसी तरह पंचायत भवन के पास आहता निर्माण कार्य अधूरा और गुणवत्ताहीन होने के बावजूद पूरी राशि आहरित किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।

वहीं, ग्राम के हाई स्कूल में स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक मौके पर केवल गिट्टी गिराई गई और इसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा, जबकि पूरी राशि के आहरण का आरोप लगाया गया है।

सामुदायिक शौचालय निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, दीवारों में बालू दिखाई दे रही है और टाइल्स का कार्य भी निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं कराया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी संबंधित निर्माण कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन, तकनीकी परीक्षण और पंचायत के अभिलेखों की जांच कराई जाए। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार पूर्व सरपंच, संबंधित कर्मचारियों एवं अन्य दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए राशि की वसूली की जाए।

ग्रामीणों ने दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्यों में वास्तव में कितनी अनियमितताएं हुई हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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