रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मां के नाम पर पौधारोपण का केवल ढिंढोरा पीटा जा रहा है, जबकि धरातल पर पौधे नदारद हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार जनता के सामने एक-एक पौधे और खजाने से खर्च किए गए प्रत्येक रुपये का पारदर्शी हिसाब प्रस्तुत करे।
6.85 करोड़ पौधों की वास्तविक स्थिति पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकारी आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 3 करोड़ 50 लाख 73 हजार और वर्ष 2025-26 में (दिसंबर 2025 तक) 3 करोड़ 34 लाख 41 हजार पौधे रोपित व वितरित करने का दावा किया गया है—यानी कुल 6 करोड़ 85 लाख 14 हजार पौधे लगाए गए।
धनंजय सिंह ठाकुर ने सवाल खड़े किए कि:
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कागजों में दर्ज इन करोड़ों पौधों में से वास्तव में कितने जीवित हैं और कितने सूख चुके हैं?
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पौधारोपण किन-किन स्थानों पर किया गया है?
प्रदेश कांग्रेस ने मांग की है कि जिलावार पौधों की सूची, जियो-टैगिंग (Geo-tagging) डेटा, खरीदी, परिवहन, रोपण और रखरखाव पर हुए कुल खर्च की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कागजी आंकड़ों के जरिए जनता के पैसों की खुली बंदरबांट और फिजूलखर्ची की गई है।
भौतिक सत्यापन और श्वेतपत्र की मांग
कांग्रेस पार्टी ने पूरे अभियान का स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराने की मांग की है। प्रवक्ता ने कहा कि यदि सरकारी रिकॉर्ड और धरातल पर मौजूद पौधों की संख्या में अंतर पाया जाता है, तो दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले पर तुरंत श्वेतपत्र जारी करने और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
