स्वास्थ्य विशेष। अगर किसी मरीज में स्वाइन फ्लू (Influenza A/H1N1) जैसे लक्षण हैं और उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है। मेडिकल साइंस में इसे ‘False Negative’ (फॉल्स निगेटिव) रिपोर्ट कहा जाता है, जहां मरीज संक्रमित तो होता है लेकिन टेस्ट रिपोर्ट में वायरस पकड़ में नहीं आता।
खासकर Rapid Influenza Diagnostic Test (RIDT) में फॉल्स निगेटिव की संभावना अधिक होती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर केवल रिपोर्ट पर भरोसा न करके मरीज के लक्षण, बीमारी के दिन और उसकी शारीरिक स्थिति को देखकर इलाज और आगे की जांच तय करते हैं।
निगेटिव रिपोर्ट के बावजूद बीमारी क्यों रह जाती है?
फ्लू की जांच में अलग-अलग तरह के टेस्ट का इस्तेमाल होता है:
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Rapid Test (RIDT) की सीमाएं: रैपिड टेस्ट वायरस के एंटीजन को ढूंढता है और जल्दी रिजल्ट देता है, लेकिन मॉलिक्यूलर टेस्ट (RT-PCR) की तुलना में इसकी सेंसिटिविटी (Sensitivity) कम होती है। यदि सैंपल में वायरस की मात्रा कम हो, तो टेस्ट उसे नहीं पकड़ पाता।
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सैंपल लेने का समय (Timing): बीमारी की शुरुआत में सांस की नली और गले में वायरस ज्यादा होता है। जैसे-जैसे दिन बीतते हैं, ऊपरी श्वसन तंत्र में वायरस कम हो जाता है। CDC (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल) के अनुसार, बीमारी शुरू होने के जितने जल्दी सैंपल लिया जाए, सटीक रिपोर्ट की संभावना उतनी ही बेहतर होती है।
Rapid Test और RT-PCR में क्या अंतर है?
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Rapid Test: यह परिणाम बहुत जल्दी देता है, लेकिन इसकी संवेदनशीलता कम होने के कारण फॉल्स निगेटिव का खतरा रहता है।
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RT-PCR (Molecular Test): यह टेस्ट वायरस के जेनेटिक मटेरियल (RNA) की पहचान करता है और बेहद सटीक होता है। अगर रैपिड टेस्ट निगेटिव आया है लेकिन लक्षण गंभीर हैं, तो डॉक्टर RT-PCR कराने की सलाह देते हैं।
क्या RT-PCR भी निगेटिव आ सकता है?
RT-PCR के निगेटिव आने पर फ्लू होने की संभावना काफी कम हो जाती है, लेकिन CDC के मुताबिक 100% गारंटी यहाँ भी नहीं होती।
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गलत तरीके से सैंपल लेना,
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सैंपल की खराब गुणवत्ता, या
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बीमारी के काफी बाद में टेस्ट कराना जैसे कारणों से RT-PCR भी कभी-कभी फॉल्स निगेटिव दे सकता है।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
स्वाइन फ्लू में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना/बंद होना, शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण होते हैं। चूंकि अन्य सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस भी ऐसे ही लक्षण पैदा करते हैं, इसलिए खुद से दवा लेने या खुद डॉक्टर बनने की भूल न करें।
सबसे जरूरी बात: यदि स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट निगेटिव आई है लेकिन सांस लेने में तकलीफ हो रही है, हालत लगातार बिगड़ रही है या लक्षण बने हुए हैं, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
