Chhattisgarh Gariyaband News: गरियाबंद। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को लंबे समय से गंदे पानी से होकर गुजरने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के प्रवेश द्वार से करीब 100 मीटर पहले मार्ग पर बारहों महीने पानी जमा रहता है, जिससे यह रास्ता नाले की तरह नजर आता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब चार वर्षों से बनी इस समस्या के कारण मरीजों, महिलाओं और अस्पताल आने वाले अन्य लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि आसपास मौजूद राइस मिल का पानी, अस्पताल परिसर से निकलने वाला निस्तारी का पानी और वार्ड के आसपास का पानी इसी स्थान पर एकत्र हो रहा है। गंदे पानी को पार करते समय लोगों के जूते और कपड़े भीग जाते हैं। लंबे समय तक गंदे पानी में चलने के कारण संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का खतरा भी बना रहता है। महिलाओं और बुजुर्गों को इससे विशेष परेशानी होने की बात सामने आई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गरियाबंद के नगरीय निकाय क्षेत्र में आने से पहले नेशनल हाईवे-130सी पर पेट्रोल पंप के पास पानी की निकासी के लिए एक निम रपटा हुआ करता था। आरोप है कि पिछले करीब एक दशक में जल निकासी की समुचित योजना के बिना आसपास कई मकानों के निर्माण की अनुमति दिए जाने से पानी के प्राकृतिक बहाव का रास्ता बाधित हो गया। इसके बाद अस्पताल के सामने पानी जमा होने की समस्या बढ़ती गई।
अस्पताल प्रबंधन भी जलभराव की समस्या को स्वीकार करते हुए इसे नगर पालिका स्तर पर जल निकासी की व्यवस्था से जुड़ा मामला बता रहा है। वहीं पालिका के अधिकारी भी समस्या के समाधान की बात कह रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही नेशनल हाईवे पर नाली निर्माण का काम शुरू किया जाएगा, जिससे जमा पानी की निकासी का रास्ता तैयार हो सकेगा।
जिला प्रशासन भी इस समस्या से अवगत है। बताया गया है कि टीएल की बैठकों में जिला अस्पताल पहुंच मार्ग पर जलभराव का मुद्दा कई बार उठ चुका है। समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया है और नेशनल हाईवे पर नाली निर्माण का काम जल्द शुरू कराने को लेकर संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रस्तावित नाली निर्माण कब तक पूरा होता है और मरीजों को गंदे पानी से होकर अस्पताल पहुंचने की मजबूरी से कब राहत मिलती है।
