रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के प्लेसमेंट कर्मचारी अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। प्लेसमेंट कर्मचारी संघ ने निगम कमिश्नर (आयुक्त) को एक 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल और उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
प्लेसमेंट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय एड़े ने कहा कि नगर निगम के विभिन्न विभागों, जोनों, कार्यालयों और आवश्यक जनसेवाओं के सुचारू व अबाधित संचालन में प्लेसमेंट कर्मचारी ‘रीढ़ की हड्डी’ की तरह दिन-रात कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों के हितों, सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा और उनके विधिक अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
प्लेसमेंट कर्मचारियों की 7 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
कर्मचारियों ने अपनी व्यवस्था में सुधार और शोषण से मुक्ति के लिए प्रशासन के सामने निम्नलिखित सात प्रमुख मांगें रखी हैं:
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₹20,000 न्यूनतम वेतन: लगातार बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए सभी प्लेसमेंट कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय तत्काल ₹20,000 प्रतिमाह तय और लागू किया जाए।
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जॉब सुरक्षा (सेवा सुरक्षा): ठेका या वेंडर एजेंसी बदलने की स्थिति में पुराने अनुभवी कर्मचारियों को काम से न निकाला जाए। इसके लिए नए टेंडर अनुबंध में सेवा सुरक्षा की कड़ी शर्त जोड़ी जाए।
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वेतन विसंगति दूर करना: संचालनालय नगरीय प्रशासन के यांत्रिकी प्रकोष्ठ की तर्ज पर ही नगर निगम के प्लेसमेंट कर्मचारियों को भी संविदा के अनुरूप मानदेय दिया जाए।
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श्रम कानूनों का पालन: शासन द्वारा निर्धारित नवीन 04 श्रम कानूनों का निगम और ठेका एजेंसियों द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
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सीधे बैंक खाते में भुगतान (DBT): बिचौलियों और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए कर्मचारियों का वेतन सीधे नगर निगम द्वारा उनके बैंक खातों में (Direct Benefit Transfer – DBT) ट्रांसफर किया जाए।
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नियत समय पर वेतन: हर महीने होने वाली वेतन की लेत-लतीफी को बंद कर प्रत्येक माह की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
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सेटअप संशोधन: वर्तमान में धरातल पर कार्यरत कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और उनके ऊपर कार्यभार के दबाव के आधार पर निगम के पुराने सेटअप में आवश्यक संशोधन किया जाए।
आवश्यक सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित
रायपुर नगर निगम के अंतर्गत सफाई, जल प्रदाय, जोन कार्यालयों के बाबू और अन्य महत्वपूर्ण नागरिक सुविधाओं का जिम्मा काफी हद तक प्लेसमेंट कर्मचारियों पर ही निर्भर है। ऐसे में यदि कर्मचारी संघ अपनी चेतावनी के मुताबिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाता है, तो पूरे रायपुर शहर की सफाई और पानी जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा सकती हैं। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इस आंदोलन को टालने के लिए क्या कदम उठाता है।
