नई दिल्ली/रायपुर। कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटा दिया है। इसके साथ ही, एलपीजी की थोक खरीद (Bulk Purchase) पर लगी रोक में भी आंशिक रूप से ढील दी गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को इस फैसले की आधिकारिक जानकारी साझा की है।
मध्य-पूर्व संकट से पहले की 50% खपत तक थोक खरीद बहाल
मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, देश में एलपीजी की थोक खरीद को मध्य-पूर्व (Middle-East) के संकट से पहले के खपत स्तर के 50 फीसदी तक बहाल कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से देश के बड़े उद्योगों, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों और कमर्शियल उपभोक्ताओं को व्यापार संचालन में बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला? जानिए मुख्य वजह
दरअसल, इस बड़े फैसले के पीछे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में आई स्थिरता मुख्य कारण है:
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होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही शुरू: केंद्र सरकार ने यह बड़ा कदम होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से मालवाहक जहाजों की आवाजाही दोबारा सुरक्षित रूप से शुरू होने के बाद उठाया है।
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पहले लगी थी रोक: मध्य-पूर्व में अचानक तनाव और ईरान संकट बढ़ने के कारण सुरक्षा के लिहाज से थोक एलपीजी की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी, जिसे अब आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है।
सप्लाई अब पूरी तरह सामान्य
केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि ईरान संकट से पहले देश में एलपीजी की जितनी आपूर्ति हो रही थी, अब वह वापस उसी सामान्य स्तर पर पहुंच गई है। सप्लाई चेन पूरी तरह दुरुस्त होने के कारण ही देश के भीतर कमर्शियल सप्लाई को लेकर लगाए गए सभी कड़े प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
