Narayanpur News: महिलाओं को बांटे सेनेटरी नैपकिन, बच्चों को मिली स्टेशनरी, माड़ रक्षा सेवा संस्था का सराहनीय प्रयास

Narayanpur News: नारायणपुर: अबूझमाड़ क्षेत्र के दूरस्थ और दुर्गम गांवों में लगातार सामाजिक सेवा एवं जागरूकता अभियान चला रही ‘माड़ रक्षा सेवा संस्था’ ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। संस्था द्वारा नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच बसे ग्राम मसपुर में एक वृहद सहायता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को नशामुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया।

महिलाओं को बांटे सेनेटरी नैपकिन, बच्चों को मिली स्टेशनरी

जंगल के भीतर बसे इस गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को देखते हुए संस्था के सदस्यों ने ग्रामीण परिवारों को नए कपड़े और चप्पलों का वितरण किया। इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) के प्रति जागरूक किया गया और सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए।

बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कॉपी, पेन, पेंसिल सहित अन्य जरूरी स्टेशनरी सामग्री भी प्रदान की गई। संस्था के सदस्यों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है और बच्चों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है।

नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया सामाजिक बदलाव का संदेश

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संस्था के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया गया नुक्कड़ नाटक रहा। इसके माध्यम से बेहद सरल और प्रभावी ढंग से ग्रामीणों को:

  • नशे के गंभीर दुष्प्रभाव और उससे होने वाले नुकसान,

  • शिक्षा का महत्व और बच्चों को स्कूल भेजने की जरूरत,

  • गांव और आसपास की स्वच्छता,

  • पुरानी सामाजिक कुरीतियों को छोड़कर सकारात्मक बदलाव अपनाने का संदेश दिया गया।

गोंडी गीतों की गूंज और गोटुल में सामूहिक नृत्य

इस शिविर में मसपुर और आसपास के ग्रामीणों ने बेहद उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय संस्कृति और अनूठी परंपराओं को सम्मान देते हुए ग्रामीणों तथा संस्था के सदस्यों ने मिलकर पारंपरिक गोंडी गीतों का गायन किया। इसके बाद सभी ने ‘गोटुल’ में सामूहिक नृत्य भी किया, जिससे ग्रामीणों और संस्था के सदस्यों के बीच एक आत्मीय संवाद और मजबूत सांस्कृतिक सहभागिता देखने को मिली।

2019 से अबूझमाड़ में सक्रिय है संस्था

कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष शशांक तिवारी, सचिव कोमल उसेंडी सहित संदीप मिश्रा, सदफ़ अंजुम, कनेश्वरी दुग्गा, अम्बिका नाग, धनेश्वरी परिहार, विनय चंदेल, हिमांशु कोर्राम, रोशन मंडावी एवं अभय पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था वर्ष 2019 से अबूझमाड़ के इन बीहड़ इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के लिए लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में भी ऐसे शिविर जारी रहेंगे।

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