Crime Desk | रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है। रायपुर पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी महिला अपराधी को जिलाबदर (शहर से निष्कासित) किया गया है। कुख्यात महिला बदमाश मुस्कान रात्रे को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत रायपुर समेत कुल 6 पड़ोसी जिलों की सीमाओं से 3 महीने के लिए बाहर खदेड़ दिया गया है।
कौन है मुस्कान रात्रे और क्या है पूरा मामला?
मध्य जिला पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट, पुख्ता सबूतों और आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर रायपुर पुलिस कमिश्नर ने यह कड़ा आदेश जारी किया है।
मुस्कान रात्रे इलाके में एक खूंखार लेडी डॉन के रूप में सक्रिय थी। वह लंबे समय से शहर में खौफ का पर्याय बनी हुई थी और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 20 से अधिक संगीन अपराध दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:
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नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी
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अवैध शराब और गांजे की धड़ल्ले से बिक्री
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आम लोगों से मारपीट और सरेआम धमकी देना
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हत्या का प्रयास (Attemp to Murder) जैसे गंभीर मामले
सुधरने का नहीं लिया नाम: पुलिस के मुताबिक, मुस्कान के खिलाफ पहले भी कई बार प्रतिबंधात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की गई थी, लेकिन उसके आचरण में कोई सुधार नहीं आया। गवाहों के बयान और रिकॉर्ड की जांच के बाद अंततः यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
किन-किन जिलों में नहीं रख पाएगी कदम?
जिलाबदर के आदेश के बाद मुस्कान रात्रे अगले 3 महीने तक नीचे दिए गए जिलों की राजस्व सीमाओं में बिना अनुमति के प्रवेश नहीं कर सकेगी:
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रायपुर (कमिशनरेट और ग्रामीण क्षेत्र)
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दुर्ग
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धमतरी
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महासमुंद
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गरियाबंद
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बलौदाबाजार-भाटापारा
चेतावनी: यदि मुस्कान ने इस अवधि के दौरान बिना लिखित अनुमति के इन जिलों में एंट्री करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अलग से नई कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे तुरंत जेल भेजा जाएगा।
इस ऐतिहासिक कार्रवाई का क्या होगा असर?
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नेटवर्क ध्वस्त: इस एक्शन से मुस्कान का अवैध नशे और वसूली का पूरा सिंडिकेट और प्रभाव क्षेत्र पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
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जनता और व्यापारियों को राहत: इलाके के व्यापारियों, स्वतंत्र गवाहों और आम नागरिकों में महिला अपराधी को लेकर व्याप्त डर अब पूरी तरह खत्म होगा।
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कानून-व्यवस्था मजबूत: रायपुर पुलिस ने इस कार्रवाई से साफ संदेश दिया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस का बयान: रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि शहर में अपराध और अवैध नशे के काले कारोबार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति लागू है। आने वाले दिनों में कई अन्य शातिर और लिस्टेड अपराधियों पर भी ऐसी ही कठोर कानूनी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
