Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में आरोपी कारोबारी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे ढेबर को शीर्ष अदालत ने राहत तो दी, लेकिन इसके साथ कई सख्त शर्तें भी लागू की हैं।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने आदेश दिया है कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान अनवर ढेबर छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से बाहर रहेंगे। हालांकि, मामले की सुनवाई या न्यायालय की कार्यवाही में शामिल होने के लिए उन्हें राज्य में प्रवेश की अनुमति होगी। साथ ही उन्हें अपना वर्तमान मोबाइल नंबर और निवास की जानकारी संबंधित प्राधिकारी को उपलब्ध करानी होगी।
सुनवाई के दौरान अनवर ढेबर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, सिद्धार्थ दवे और शोएब आलम ने पक्ष रखा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हवाला देते हुए जमानत की मांग की। वहीं राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी, महाधिवक्ता विवेक शर्मा और अतिरिक्त महाधिवक्ता रवि शर्मा ने जमानत का विरोध करते हुए कोर्ट को मामले से जुड़े गोपनीय दस्तावेज पेश करने की बात कही।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जांच की गोपनीयता और आरोपी के मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन बनाते हुए अंतरिम जमानत मंजूर की। अदालत ने निचली अदालत की संतुष्टि के अनुसार बेल बॉन्ड भरने के बाद रिहाई के निर्देश दिए हैं।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को होगी। तब तक राज्य सरकार को अपने गोपनीय दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत करने होंगे, जबकि अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट की सभी शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा।
