WhatsApp Business Update: 1 अगस्त से बदल जाएगा व्हाट्सऐप बिजनेस एआई का प्राइसिंग मॉडल, 10 लाख टोकन के लिए देने होंगे सिर्फ इतने रुपये

WhatsApp Business Update:

नई दिल्ली/रायपुर। दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप (WhatsApp) का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। मेटा (Meta) ने व्हाट्सऐप बिजनेस एआई (WhatsApp Business AI) सिस्टम के लिए एक बिल्कुल नया प्राइसिंग मॉडल पेश किया है। अब मेटा बिजनेस एजेंट के इस्तेमाल के लिए पुराना ‘प्रति मैसेज’ (Per Message) बिलिंग सिस्टम खत्म होने जा रहा है और इसकी जगह ‘टोकन-बेस्ड बिलिंग सिस्टम’ (Token-Based Billing System) लागू किया जाएगा।

इसका मतलब यह है कि अब व्हाट्सऐप बिजनेस में एआई एजेंट के इस्तेमाल को लेकर सिर्फ मैसेज की संख्या पर नहीं, बल्कि बातचीत के दौरान इस्तेमाल हुए टोकन के आधार पर पैसे लिए जाएंगे।

क्यों आया यह नया नियम? कंपनी का मानना है कि यह नया टोकन-बेस्ड नियम पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा पारदर्शी (Transparent) है। पहले जहां हर एक छोटे-बड़े मैसेज के लिए एक तय चार्ज देना पड़ता था, वहीं अब ऐसा नहीं होगा। नए सिस्टम के तहत अगर ग्राहक का सवाल बेहद आसान और छोटा है, तो कम टोकन खर्च होंगे, जिससे कारोबारियों को पहले की तुलना में कम भुगतान करना होगा।

इस तारीख से लागू होगा नया बिलिंग सिस्टम मेटा के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस नए बिलिंग सिस्टम को 1 अगस्त 2026 से पूरी दुनिया में लागू कर दिया जाएगा। यह नियम ‘व्हाट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म’ पर ‘मेटा बिजनेस एजेंट’ का इस्तेमाल करने वाले सभी छोटे-बड़े बिजनेस अकाउंट्स के लिए अनिवार्य होगा। नए सिस्टम में एआई से सवाल पूछने से लेकर जवाब मिलने तक कुल जितने टोकन इस्तेमाल होंगे, बिल उसी हिसाब से बनेगा।

क्या होगी नई कीमत? (टोकन का पूरा गणित) मेटा ने दुनिया भर के मार्केट के लिए एक समान दर (यूनिफॉर्म रेट) तय की है, जो इस प्रकार है:

  • शुल्क दर: प्रति 10 लाख (1 मिलियन) टोकन पर 2 डॉलर (यानी करीब ₹190) का चार्ज लिया जाएगा।

  • एक औसत चैट का खर्च: कंपनी के मुताबिक, एक सामान्य एआई चैट में लगभग 20,000 से 25,000 टोकन खर्च होते हैं।

  • प्रति बातचीत लागत: इस हिसाब से एक औसत बातचीत की लागत मात्र 0.04 से 0.05 डॉलर (यानी करीब 4 से 5 रुपये) के बीच आएगी।

कारोबारियों पर क्या होगा इसका असर? मेटा के इस फैसले का सीधा असर उन कारोबारियों और कंपनियों पर पड़ेगा जो कस्टमर सपोर्ट के लिए बड़े पैमाने पर WhatsApp Business AI Agent का इस्तेमाल करते हैं।

  • छोटे बिजनेस को राहत: अब एआई से नॉर्मल और छोटी बातचीत के लिए मोटी रकम नहीं देनी होगी।

  • फालतू खर्चों से मुक्ति: पहले बिजनेस अकाउंट्स को एक शब्द या छोटे से ‘Hi/Hello’ के मैसेज के लिए भी पूरा शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब सिर्फ उतने ही पैसे कटेंगे जितने टोकन का उपयोग हुआ होगा। कुल मिलाकर यह बदलाव बड़े कस्टमर बेस वाले बिजनेस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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