US Iran Peace Treaty : ऐतिहासिक शांति समझौते से दुनिया भर के बाज़ारों में ‘दिवाली’: ट्रंप के एलान के बाद सेंसेक्स 1080 और निफ्टी 330 अंक उछला, क्रूड ऑयल धड़ाम

US Iran Peace Treaty :

मुंबई / नई दिल्ली: वैश्विक पटल पर पिछले 107 दिनों से जारी गहरा भू-राजनीतिक संकट (Geo-political Crisis) आखिरकार समाप्त हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते (Peace Treaty) का एलान करने के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) सहित दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में जबरदस्त उत्साह और ‘दिवाली’ जैसा माहौल देखने को मिला।

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बंपर वैश्विक तेजी के दम पर भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक—सेंसेक्स और निफ्टी—शानदार हरे निशान और रिकॉर्ड उछाल के साथ खुले हैं। सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने की खबर से निवेशकों ने राहत की सांस ली है। इस बड़े बदलाव के कारण शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 53 पैसे की भारी मजबूती के साथ खुला।

बाजार की ओपनिंग: सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड तोड़ तेजी

सोमवार को बाजार खुलते ही चौतरफा लिवाली (Buying) का दौर शुरू हो गया, जिससे दोनों सूचकांकों ने लंबी छलांग लगाई:

  • BSE सेंसेक्स: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक 1,080 अंकों की भारी-भरकम बढ़त लेकर खुला।

  • NSE निफ्टी: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 330 अंकों की तूफानी तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर पर खुला।

जंग थमते ही कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमने और ग्लोबल सप्लाई चेन के दोबारा सुचारू होने की आधिकारिक घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बड़ी राहत की खबर है:

  • ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.45 डॉलर टूटकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

  • WTI क्रूड (US Benchmark): अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड भी 3.95 डॉलर की गिरावट के साथ 80.93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

निवेशकों के चेहरे खिले, आगे और तेजी के आसार

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और मालवाहक जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से महंगाई पर लगाम लगेगी। 107 दिनों के तनाव के बाद आई इस शांति ने निवेशकों के सेंटिमेंट को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे आने वाले दिनों में भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का निवेश और बढ़ने की उम्मीद है।

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