नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इस ऐतिहासिक मोड़ पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का पहला बयान सामने आया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने इस जीत का पूरा श्रेय देश के युवाओं और आम नागरिकों के अदम्य साहस को दिया है।
“शांति, धैर्य और दृढ़ संकल्प की जीत”
लंबे समय से व्यवस्थागत सुधारों की मांग कर रहे युवाओं के समर्थन में खड़े सोनम वांगचुक ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा:
“यह लोकतंत्र की जीत है… सीधी सड़क से आया हुआ सीधा लोकतंत्र। यह शांति, धैर्य और दृढ़ संकल्प की जीत है।”
देशभर में चले लंबे संघर्ष और सड़कों पर उतरे युवाओं के सैलाब के बाद इसे जनता की सीधी ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
CJP और Gen Z को दी बधाई
नागरिकों और युवाओं के निडर रवैये को सलाम करते हुए वांगचुक ने आगे लिखा:
“CJP और देश की ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) को बधाई। देश के हर कोने से उठ खड़े होने और ‘डर के डर’ को पीछे छोड़ने के लिए सभी नागरिकों का धन्यवाद।”
सोनम वांगचुक का यह बयान उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा नैतिक समर्थन माना जा रहा है, जिन्होंने व्यवस्था के खिलाफ बिना डरे अपना मोर्चा संभाले रखा।
